नई दिल्ली:
Eid Prayers Clash: उत्तर प्रदेश और हरियाणा में ईद-उल-फितर 2025 (Eid 2025) के मौके पर लोगों ने नमाज अदा की और इस दौरान कई जगह ईद के जश्न में बवाल भी देखने को मिला. यूपी में सड़क पर नमाज पढ़ने पर रोक होने की वजह से कई जगहों पर पुलिस से लोग भिड़ते हुए नजर आए. सहारनपुर में ईद की नमाज के बाद लोगों ने फिलिस्तीन के झंडे लहराये, मेरठ और मुरादाबाद में ईदगाह में नमाज अदा करने को लेकर पुलिस और लोग आमने-सामने आ गए. वहीं, हरियाणा के नूंहमें ईद की नमाज के बाद दो गुटों में लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हो गए. आइए आपको बताते हैं कि ईद के जश्न में कहां-कहां और क्यों आई खलल.
मेरठ- सड़कों पर पोस्टर लेकर निकले नमाजी
ईद की नमाज के बाद मेरठ की सड़कों पर कई नमाज़ियों ने पोस्टर लहराये. ये सभी सड़कों पर नमाज पढ़ने पर लगी रोक का विरोध कर रहे थे. इन पोस्टरों पर लिखा था- ‘सड़कों पर सिर्फ मुस्लिम नमाज नहीं पढ़ते हैं. हिन्दू होली सड़कों पर मनाता है, शिवरात्रि सड़कों पर मनाता है, कांवड़िया सड़क पर निकलता है, रामनवमी यात्रा सड़क पर करता है, दिवाली पर पटाखे सड़क पर फोड़ता है, गणेश चतुर्थी सड़कों पर मनाता है. पुलिस ने इन नमाजियों को समझाया कि माहौल खराब करने का प्रयास न किया जाए.
माजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ की ऐशबाग ईदगाह में ईद की नमाज के दौरान उन्हें बैरिकेडिंग करके रोकने का आरोप लगाया है. अखिलेश यादव ने ईद के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए की गई पुलिस की बैरिकेडिंग पर सवाल उठाए हैं. अखिलेश यादव का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें लखनऊ एक जगह जाने से रोका भी. अखिलेश यादव ने कहा कि उन्होंने इससे पहले ईद के मौके पर प्रदेश में ऐसी बैरिकेडिंग कभी नहीं देखी. लखनऊ में मीडिया संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, ‘ईद के मौके पर इतनी बैरिकेडिंग क्यों की गई है? पुलिस ने मुझे रोका और जब मैंने उनसे पूछा कि मुझे क्यों रोका जा रहा है, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था. मुझे पुलिस ने आधे घंटे रोककर रखा. काफी बातचीत करने के बाद मुझे आने दिया गया. क्या मैं इसे तानाशाही कहूं या फिर ‘आपातकाल’ कहूं? मैंने कभी ऐसी बैरिकेडिंग नहीं देखी, जो लोगों को उनके त्यौहार मनाने से रोकने के लिए की गई हो. भाजपा इस देश को संविधान के ज़रिए नहीं चला रही है.’